Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 1.2.19: इनमें से जो अव्यक्त कारण सद्रूप (कारण शक्ति विशिष्ट) और नित्य (सदैव एकरूप) है, उसे श्रेष्ठ मुनियों ने प्रधान और सूक्ष्म प्रकृति कहा है ॥19॥   |   vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.2.19 
अव्यक्तं कारणं यत्तत्प्रधानमृषिसत्तमै:।
प्रोच्यते प्रकृति: सूक्ष्मा नित्यं सदसदात्मकम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इनमें से जो अव्यक्त कारण सद्रूप (कारण शक्ति विशिष्ट) और नित्य (सदैव एकरूप) है, उसे श्रेष्ठ मुनियों ने प्रधान और सूक्ष्म प्रकृति कहा है ॥19॥
 
Of these, the unmanifested cause, which is sadrupa (causal power specific) and nitya (always consistent), is called the prime and subtle nature by the best sages. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)