Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.2.15: हे द्विज! परमेश्वर का प्रथम रूप पुरुष है, अव्यक्त (प्रकृति) और व्यक्त (महादा आदि) उसके अन्य रूप हैं और काल (क्योंकि वह सबको व्याकुल करता है) उसका परम रूप है ॥15॥ | vishnu अध्याय 1.2: चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे द्विज! परमेश्वर का प्रथम रूप पुरुष है, अव्यक्त (प्रकृति) और व्यक्त (महादा आदि) उसके अन्य रूप हैं और काल (क्योंकि वह सबको व्याकुल करता है) उसका परम रूप है ॥15॥
O twice born! The first form of the Supreme Being is Purusha, the unmanifested (Prakriti) and the manifested (Mahada etc.) are His other forms and time [because it disturbs everyone] is His ultimate form. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥