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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान्का सुदर्शनचक्रको भेजना
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श्लोक 9
श्लोक
1.19.9
एवं सर्वेषु भूतेषु भक्तिरव्यभिचारिणी।
कर्तव्या पण्डितैर्ज्ञात्वा सर्वभूतमयं हरिम्॥ ९॥
अनुवाद
इसी प्रकार भगवान् को सर्वव्यापी जानकर विद्वानों को सब प्राणियों में अटूट भक्ति (प्रेम) रखनी चाहिए॥9॥
Similarly, knowing God to be omnipresent, scholars should have unwavering devotion (love) for all living beings. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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