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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान्का सुदर्शनचक्रको भेजना
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श्लोक 81
श्लोक
1.19.81
योऽन्तस्तिष्ठन्नशेषस्य पश्यतीश: शुभाशुभम्।
तं सर्वसाक्षिणं विश्वं नमस्ये परेश्वरम्॥ ८१॥
अनुवाद
मैं उन सर्वसाक्षी परमेश्वर को नमस्कार करता हूँ जो सबके अन्तःकरण में निवास करते हैं और उनके शुभ-अशुभ कर्मों को देखते हैं ॥ 81॥
I bow to that all-witness Supreme Being who resides in everyone's conscience and watches their good and bad deeds. ॥ 81॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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