श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  1.19.76 
सर्वभूतेषु सर्वात्मन्या शक्तिरपरा तव।
गुणाश्रया नमस्तस्यै शाश्वतायै सुरेश्वर॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
हे परमात्मा! हे सुरेश्वर! आपकी परम शक्ति समस्त प्राणियों में श्रेष्ठ है! उस सनातन सुन्दरी को नमस्कार है॥76॥
 
Oh Supreme Soul! O Sureshwar, your supreme power is supreme among all the living beings! Salutations to that eternal beauty. 76॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)