श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  1.19.53 
अन्यथा सकला लोकास्तथा दैतेयदानवा:।
अनुयास्यन्ति मूढस्य मतमस्य दुरात्मन:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
अन्यथा सारा संसार और राक्षस आदि इस मूर्ख दुष्टात्मा के मार्ग का अनुसरण करेंगे [अर्थात् उसी की तरह वे भी विष्णु के भक्त हो जाएँगे]॥53॥
 
Otherwise, the whole world and demons etc. will follow the path of this foolish evil soul [that is, like him they will also become devotees of Vishnu]. 53॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)