अतः जो महान् ऐश्वर्य चाहता है, उसे केवल पुण्य संचय का ही प्रयत्न करना चाहिए; और जो मोक्ष चाहता है, उसे भी समता प्राप्त करने का प्रयत्न करना चाहिए ॥ 46॥
Therefore, one who desires great prosperity should strive only to accumulate virtues; and one who desires liberation should also strive to attain equanimity. ॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥