श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 19: प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.19.23 
तेनाविष्टमथात्मानं स बुद्‍ध्वा दैत्यबालक:।
हृदयेन महात्मानं दधार धरणीधरम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि उसके शरीर में वायु भर गई है, राक्षस पुत्र प्रह्लाद ने भगवान धरणीधर को अपने हृदय में धारण कर लिया।
 
Realising that his body was filled with air, the son of the demon Prahlada embraced Lord Dharnidhar in his heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)