हिरण्यकशिपु ने कहा, 'यह मनुष्य बड़ा दुष्टात्मा है। इसे इस सौ योजन ऊँचे महल से नीचे फेंक दो, जिससे यह इस पर्वत पर गिर पड़े और इसके शरीर के अंग चट्टानों से टकराकर टुकड़े-टुकड़े हो जाएँ।' ॥11॥
Hiranyakshipu said, 'This man is a very evil soul. Throw him down from this palace which is 100 yojanas high, so that he falls on this mountain and his body parts get shattered into pieces by the rocks.' ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥