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vishnu 1.17.69: यदि तुम गर्भ में किंचित मात्र भी सुख की कल्पना कर सकते हो, तो मुझे बताओ। समस्त जगत् ऐसा ही है, महान् दुःखों से भरा हुआ है। 69।   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.17.69 
गर्भेषु सुखलेशोऽपि भवद्भिरनुमीयते।
यदि तत्कथ्यतामेवं सर्वं दु:खमयं जगत्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम गर्भ में किंचित मात्र भी सुख की कल्पना कर सकते हो, तो मुझे बताओ। समस्त जगत् ऐसा ही है, महान् दुःखों से भरा हुआ है। 69।
 
If you can imagine even the slightest happiness in the womb, then tell me. The entire world is like this, full of great sorrow. 69.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)