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vishnu 1.17.56: सभी जीव जन्म लेते हैं, बाल्यावस्था में जाते हैं और फिर युवावस्था को प्राप्त होते हैं; इसके बाद दिन-प्रतिदिन वृद्धावस्था को प्राप्त होना अवश्यंभावी है ॥ 56॥   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  1.17.56 
जन्म बाल्यं तत: सर्वो जन्तु: प्राप्नोति यौवनम्।
अव्याहतैव भवति ततोऽनुदिवसं जरा॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
सभी जीव जन्म लेते हैं, बाल्यावस्था में जाते हैं और फिर युवावस्था को प्राप्त होते हैं; इसके बाद दिन-प्रतिदिन वृद्धावस्था को प्राप्त होना अवश्यंभावी है ॥ 56॥
 
All living beings are born, go through childhood and then attain youth; after this, attaining old age day by day is inevitable. ॥ 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)