Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.17.55: प्रह्लाद बोले, 'हे राक्षस कुल में उत्पन्न राक्षस बालकों! सुनो, मैं तुम्हें धर्म का उपदेश दे रहा हूँ। इसे गलत न समझो, क्योंकि मेरे ऐसा कहने के पीछे कोई लोभ या अन्य कोई कारण नहीं है।' | vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रह्लाद उवाच
श्रूयतां परमार्थो मे दैतेया दितिजात्मजा:।
न चान्यथैतन्मन्तव्यं नात्र लोभादिकारणम्॥ ५५॥
अनुवाद
प्रह्लाद बोले, 'हे राक्षस कुल में उत्पन्न राक्षस बालकों! सुनो, मैं तुम्हें धर्म का उपदेश दे रहा हूँ। इसे गलत न समझो, क्योंकि मेरे ऐसा कहने के पीछे कोई लोभ या अन्य कोई कारण नहीं है।'
Prahlada said, 'Hey demon children born in the clan of demons! Listen, I am preaching to you the path of righteousness. Do not misunderstand it because there is no greed or any other reason behind my saying so.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥