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vishnu 1.17.35: हिरण्यकशिपु ने कहा, "अरे मूर्ख! अब अपने विरोधियों की प्रशंसा करना बंद कर। जाओ, मैं तुम्हें सुरक्षा देता हूँ। अब और मूर्खता मत करो।"   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.17.35 
हिरण्यकशिपुरुवाच
दुर्बुद्धे विनिवर्तस्व वैरिपक्षस्तवादत:।
अभयं ते प्रयच्छामि मातिमूढमतिर्भव॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
हिरण्यकशिपु ने कहा, "अरे मूर्ख! अब अपने विरोधियों की प्रशंसा करना बंद कर। जाओ, मैं तुम्हें सुरक्षा देता हूँ। अब और मूर्खता मत करो।"
 
Hiranyakshipu said, "Oh fool! Now stop praising your opponents. Go, I give you protection. Do not be foolish any more."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)