Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 1.17.14: प्रह्लाद ने कहा, "पिताजी! आपकी आज्ञा से मैं अपने मन की सारी बातें आपको बता रहा हूँ। कृपया ध्यानपूर्वक सुनिए।"   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.17.14 
प्रह्लाद उवाच
श्रूयतां तात वक्ष्यामि सारभूतं तवाज्ञया।
समाहितमना भूत्वा यन्मे चेतस्यवस्थितम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
प्रह्लाद ने कहा, "पिताजी! आपकी आज्ञा से मैं अपने मन की सारी बातें आपको बता रहा हूँ। कृपया ध्यानपूर्वक सुनिए।"
 
Prahlada said, "Father! As per your command I am telling you the gist of everything that is in my mind. Please listen carefully."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)