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vishnu 1.17.12: तब अपने चरणों में प्रणाम करनेवाले अत्यंत तेजस्वी पुत्र प्रह्लाद को उठाकर पिता हिरण्यकशिपु ने कहा॥12॥   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.17.12 
पादप्रणामावनतं तमुत्थाप्य पिता सुतम्।
हिरण्यकशिपु: प्राह प्रह्लादममितौजसम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तब अपने चरणों में प्रणाम करनेवाले अत्यंत तेजस्वी पुत्र प्रह्लाद को उठाकर पिता हिरण्यकशिपु ने कहा॥12॥
 
Then raising his extremely illustrious son Prahlada who was bowing at his feet, father Hiranyakashipu said॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)