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vishnu 1.15.97: वे शबलश्वगण भी प्रजा की संख्या बढ़ाना चाहते थे, परंतु हे ब्राह्मण! नारदजी ने उनसे पुनः उपरोक्त बातें कहीं।   |   vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.15.97 
विवर्द्धयिषवस्ते तु शबलाश्वा: प्रजा: पुन:।
पूर्वोक्तं वचनं ब्रह्मन‍्नारदेनैव नोदिता:॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
वे शबलश्वगण भी प्रजा की संख्या बढ़ाना चाहते थे, परंतु हे ब्राह्मण! नारदजी ने उनसे पुनः उपरोक्त बातें कहीं।
 
Those Shabalashwagan also wanted to increase the number of people, but O Brahmin! Naradji again told him the above mentioned things.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)