Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.15.37: 'मुझे अपने मन को जीतना है और छह तरंगों से परे परम ब्रह्म को जानना है' - उस कामरूपी महान लोक को धिक्कार है, जिसने मेरी इस बुद्धि को नष्ट कर दिया है ॥ 37॥ | vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मुझे अपने मन को जीतना है और छह तरंगों से परे परम ब्रह्म को जानना है' - उस कामरूपी महान लोक को धिक्कार है, जिसने मेरी इस बुद्धि को नष्ट कर दिया है ॥ 37॥
I must conquer my mind and know the Supreme Brahman beyond the six waves' - shame on that great planet of lust which has destroyed this wisdom of mine. ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥