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vishnu 1.15.3: जल से बाहर आकर उन वृक्षों को देखकर प्रचेतनाएँ अत्यन्त क्रोधित हो गईं और क्रोध में उन्होंने अपने मुख से वायु और अग्नि छोड़ी।   |   vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.15.3 
तान्दृष्ट्वा जलनिष्क्रान्ता: सर्वे क्रुद्धा: प्रचेतस:।
मुखेभ्यो वायुमग्निं च तेऽसृजन् जातमन्यव:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
जल से बाहर आकर उन वृक्षों को देखकर प्रचेतनाएँ अत्यन्त क्रोधित हो गईं और क्रोध में उन्होंने अपने मुख से वायु और अग्नि छोड़ी।
 
On emerging from the water and seeing those trees the Prachetanas became very angry and in anger they released air and fire from their mouths.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)