Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.15.25: उसके ऐसा पूछने पर ऋषि बोले - हे शुभ! दिन ढल गया है, इसलिए मैं संध्यावंदन करूँगा; अन्यथा मेरा नित्यकर्म नष्ट हो जाएगा।॥ 25॥ | vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इत्युक्त: स तया प्राह परिवृत्तमह: शुभे।
सन्ध्योपास्तिं करिष्यामि क्रियालोपोऽन्यथा भवेत्॥ २५॥
अनुवाद
उसके ऐसा पूछने पर ऋषि बोले - हे शुभ! दिन ढल गया है, इसलिए मैं संध्यावंदन करूँगा; अन्यथा मेरा नित्यकर्म नष्ट हो जाएगा।॥ 25॥
On his asking this, the sage said, "O auspicious one! The day has set, therefore I will perform the evening prayers; otherwise my daily rituals will be spoilt."॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥