Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.15.19: यह सुनकर ऋषि ने उस विशालाक्षी को हृदय से लगा लिया और बोले - 'हे सुभ्रु! अब तुम बहुत समय के लिए चले जाओगे, अतः कृपया एक क्षण और रुक जाओ।' | vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उक्तस्तयैवं स मुनिरुपगुह्यायतेक्षणाम्।
इहास्यतां क्षणं सुभ्रु चिरकालं गमिष्यसि॥ १९॥
अनुवाद
यह सुनकर ऋषि ने उस विशालाक्षी को हृदय से लगा लिया और बोले - 'हे सुभ्रु! अब तुम बहुत समय के लिए चले जाओगे, अतः कृपया एक क्षण और रुक जाओ।'
Hearing this, the sage embraced that giant Vishalakshi and said - 'O Subhru! Now you will be gone for a long time, so please stay for a moment longer. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥