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vishnu 1.15.145: उस महान बुद्धिसे मोहित होकर वह समुद्रके जलमें पड़ा हुआ इधर-उधर डोलने लगा और उसके कारण सारी पृथ्वी हिलने लगी ॥145॥   |   vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 145
 
 
श्लोक  1.15.145 
महार्णवान‍्त:सलिले स्थितस्य चलतो मही।
चचाल सकला यस्य पाशबद्धस्य धीमत:॥ १४५॥
 
 
अनुवाद
उस महान बुद्धिसे मोहित होकर वह समुद्रके जलमें पड़ा हुआ इधर-उधर डोलने लगा और उसके कारण सारी पृथ्वी हिलने लगी ॥145॥
 
Entrapped by that great intellect, lying in the water of the ocean, he swayed here and there and due to this the entire earth began to shake. ॥145॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)