श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 112-113
 
 
श्लोक  1.15.112-113 
सोमस्य भगवान‍्वर्चा वर्चस्वी येन जायते॥ ११२॥
धर्मस्य पुत्रो द्रविणो हुतहव्यवहस्तथा।
मनोहरायां शिशिर: प्राणोऽथ वरुणस्तथा॥ ११३॥
 
 
अनुवाद
भगवान् वर्चा सोम के पुत्र थे, जिनसे मनुष्य श्रेष्ठ (तेजस्वी) होता है और धर्म के द्रविण, हुत और हव्यवाह नामक पुत्र हुए तथा मनोहरा नामक पत्नी से शिशिर, प्राण और वरुण नामक पुत्र हुए ॥112-113॥
 
Lord Varcha was the son of Soma, from whom a man becomes supreme (brilliant) and Dharma had sons named Dravina, Hut and Havyavah and Shishir, Prana and Varun from his wife Manohara. 112-113॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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