Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.15.109: ज्योति आदि आठ प्रसिद्ध वसु, जिनके प्राण नाना प्रकार के वसु (तेज या धन) हैं, अब मैं उनकी वंश-परंपरा का विस्तारपूर्वक वर्णन करूँगा ॥109॥ | vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये त्वनेकवसुप्राणदेवा ज्योति:पुरोगमा:।
वसवोऽष्टौसमाख्यातास्तेषां वक्ष्यामि विस्तरम्॥ १०९॥
अनुवाद
ज्योति आदि आठ प्रसिद्ध वसु, जिनके प्राण नाना प्रकार के वसु (तेज या धन) हैं, अब मैं उनकी वंश-परंपरा का विस्तारपूर्वक वर्णन करूँगा ॥109॥
The eight famous Vasus like Jyoti etc., whose life is the various types of Vasu (brilliance or wealth), I shall now describe in detail their lineage. ॥109॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥