Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.14.44: श्री पराशरजी बोले - इस प्रकार भगवान श्रीविष्णु के समाधिस्थ होने पर ऋषियों ने समुद्र में रहकर उनकी स्तुति की तथा दस हजार वर्षों तक तपस्या की ॥44॥ | vishnu अध्याय 1.14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीपराशर उवाच
एवं प्रचेतसो विष्णुं स्तुवन्तस्तत्समाधय:।
दशवर्षसहस्राणि तपश्चेरुर्महार्णवे॥ ४४॥
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - इस प्रकार भगवान श्रीविष्णु के समाधिस्थ होने पर ऋषियों ने समुद्र में रहकर उनकी स्तुति की तथा दस हजार वर्षों तक तपस्या की ॥44॥
Shri Parasharji said - In this way, after attaining samadhi of Lord Shri Vishnu, the sages lived in the ocean and praised him and performed penance for ten thousand years. 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥