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vishnu 1.14.32: जो सम्पूर्ण भूतों को विश्राम देते हैं, जो सनातन स्वरूप हैं और जो शुद्धतम आकाश के स्वरूप हैं, उन प्रभु को नमस्कार है॥32॥   |   vishnu अध्याय 1.14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.14.32 
अवकाशमशेषाणां भूतानां य: प्रयच्छति।
अनन्तमूर्तिमाञ्छुद्धस्तस्मै व्योमात्मने नम:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जो सम्पूर्ण भूतों को विश्राम देते हैं, जो सनातन स्वरूप हैं और जो शुद्धतम आकाश के स्वरूप हैं, उन प्रभु को नमस्कार है॥32॥
 
Salutations to the Lord who gives rest to all the ghosts and is the embodiment of eternity and the form of the purest sky. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)