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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र
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श्लोक 84
श्लोक
1.13.84
न सस्यानि न गोरक्ष्यं न कृषिर्न वणिक्पथ:।
वैन्यात्प्रभृति मैत्रेय सर्वस्यैतस्य सम्भव:॥ ८४॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! उस समय अन्न, गोरक्षा, कृषि और व्यापार का कोई क्रम नहीं था। ये सब वेनपुत्र पृथु के समय से ही प्रारम्भ हुए थे।
O Maitreya! At that time there was no order of food, cow protection, agriculture and trade. All these started from the time of Venaputra Prithu. 84.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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