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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र
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श्लोक 82
श्लोक
1.13.82
श्रीपराशर उवाच
तत उत्सारयामास शैलान् शतसहस्रश:।
धनुष्कोटॺा तदा वैन्यस्तेन शैला विवर्द्धिता:॥ ८२॥
अनुवाद
श्री पराशर बोले: तब राजा पृथु ने अपने धनुष की प्रत्यंचा से सैकड़ों-हजारों पर्वतों को उखाड़कर एक स्थान पर एकत्रित कर लिया।
Sri Parashara said: Then King Prithu uprooted hundreds and thousands of mountains with the strings of his bow and collected them at one place.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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