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श्लोक 1.12.76  |
वरं वरय तस्मात्त्वं यथाभिमतमात्मन:।
सर्वं सम्पद्यते पुंसां मयि दृष्टिपथं गते॥ ७६॥ |
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| अनुवाद |
| अतः जो भी वर चाहो मांग लो। मेरा दर्शन पाकर मनुष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है। 76. |
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| Therefore ask for any boon you desire. After seeing me a man can obtain everything. 76. |
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