Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.11.44: अत्रि बोले - मैं यह कह रहा हूँ कि जो परमात्म प्रकृति आदि से परे परमात्म जनार्दन को प्रसन्न करता है, वह उस सनातन पद को प्राप्त करता है ॥ 44॥ | vishnu अध्याय 1.11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अत्रि बोले - मैं यह कह रहा हूँ कि जो परमात्म प्रकृति आदि से परे परमात्म जनार्दन को प्रसन्न करता है, वह उस सनातन पद को प्राप्त करता है ॥ 44॥
Atri said - I am saying that the one who pleases the Supreme Being Janardan who is beyond the Supreme Nature etc., gets that everlasting position. ॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥