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vishnu 1.11.28: उत्तम, जिसे उसने गर्भ में धारण किया है, वह वास्तव में मेरा भाई है। उसे अपने पिता द्वारा दिया गया सिंहासन प्राप्त होना चाहिए। [भगवान] ऐसा ही हो।॥28॥   |   vishnu अध्याय 1.11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.11.28 
उत्तम: स मम भ्राता यो गर्भेण धृतस्तया।
स राजासनमाप्नोतु पित्रा दत्तं तथास्तु तत्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उत्तम, जिसे उसने गर्भ में धारण किया है, वह वास्तव में मेरा भाई है। उसे अपने पिता द्वारा दिया गया सिंहासन प्राप्त होना चाहिए। [भगवान] ऐसा ही हो।॥28॥
 
Uttam, the one she has carried in her womb is indeed my brother. He should inherit the throne given to him by his father. [May God] let it be so.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)