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vishnu 1.11.27: राजा की प्रियतमा सुरुचि ही है और यद्यपि मैं उसके गर्भ से उत्पन्न नहीं हुआ हूँ, तथापि हे माता, तुम भी अपने गर्भ में मेरा प्रभाव बढ़ता हुआ देखो॥ 27॥   |   vishnu अध्याय 1.11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.11.27 
सुरुचिर्दयिता राज्ञस्तस्या जातोऽस्मि नोदरात्।
प्रभावं पश्य मेऽम्ब त्वं वृद्धस्यापि तवोदरे॥ २७॥
 
 
अनुवाद
राजा की प्रियतमा सुरुचि ही है और यद्यपि मैं उसके गर्भ से उत्पन्न नहीं हुआ हूँ, तथापि हे माता, तुम भी अपने गर्भ में मेरा प्रभाव बढ़ता हुआ देखो॥ 27॥
 
The King's beloved is indeed Suruchi, and although I was not born from her womb, O mother, you must also see my influence growing in your womb.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)