Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.11.24: तू सदाचारी, सदाचारी, प्रेममय और समस्त प्राणियों का हितैषी बन, क्योंकि जैसे नीचे की ओर बहता हुआ जल अपने आप ही पात्र में आ जाता है, वैसे ही योग्य पुरुष के पास सारा धन अपने आप ही आ जाता है ॥24॥ | vishnu अध्याय 1.11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तू सदाचारी, सदाचारी, प्रेममय और समस्त प्राणियों का हितैषी बन, क्योंकि जैसे नीचे की ओर बहता हुआ जल अपने आप ही पात्र में आ जाता है, वैसे ही योग्य पुरुष के पास सारा धन अपने आप ही आ जाता है ॥24॥
Be well behaved, virtuous, loving and a well wisher of all creatures, because just like the water flowing towards the lower ground automatically comes into the vessel, similarly all the wealth automatically comes to a worthy person. ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥