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vishnu 1.11.2-3: हे ब्रह्मन्! उनमें से उत्तानपाद की प्रिय पत्नी सुरुचि ने उत्तम नाम का एक अत्यंत प्रिय पुत्र उत्पन्न किया। 2॥ हे द्विज! राजा की सुनीति नाम की गणिका से उनका विशेष प्रेम नहीं था। उसका पुत्र ध्रुव था। 3॥   |   vishnu अध्याय 1.11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट  »  श्लोक 2-3
 
 
श्लोक  1.11.2-3 
तयोरुत्तानपादस्य सुरुच्यामुत्तम: सुत:।
अभीष्टायामभूद‍्ब्रह्मन्पितुरत्यन्तवल्लभ:॥ २॥
सुनीतिर्नाम या राज्ञस्तस्यासीन्महिषी द्विज।
स नातिप्रीतिमांस्तस्यामभूद्यस्या ध्रुव: सुत:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे ब्रह्मन्! उनमें से उत्तानपाद की प्रिय पत्नी सुरुचि ने उत्तम नाम का एक अत्यंत प्रिय पुत्र उत्पन्न किया। 2॥ हे द्विज! राजा की सुनीति नाम की गणिका से उनका विशेष प्रेम नहीं था। उसका पुत्र ध्रुव था। 3॥
 
Hey Brahman! Among them, Uttanapada's beloved wife Suruchi gave birth to a very beloved son named Uttam. 2॥ Hey Dwija! He did not have any special love for the king's courtesan named Suniti. His son was Dhruva. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)