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vishnu 1.11.12: हे मैत्रेय! अपने पुत्र को क्रोधित और उसके ओठों को किंचित् कांपते हुए देखकर सुनीति ने उसे गोद में लेकर पूछा -॥12॥   |   vishnu अध्याय 1.11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 11: ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.11.12 
तं दृष्ट्वा कुपितं पुत्रमीषत्प्रस्फुरिताधरम्।
सुनीतिरङ्कमारोप्य मैत्रेयेदमभाषत॥ १२॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! अपने पुत्र को क्रोधित और उसके ओठों को किंचित् कांपते हुए देखकर सुनीति ने उसे गोद में लेकर पूछा -॥12॥
 
O Maitreya, seeing her son angry and his lips trembling slightly, Suniti took him in her lap and asked -॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)