हमारे साथ हरे कृष्ण नाम बोलने में [योग देना] चाहिए। हाँ, बोलिए—
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे...
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे... [गायन] [संगीत]
हरे राम... [करतल ध्वनि] राम हरे हरे...
हरे कृष्ण... [गायन] हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे... [गायन]
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम राम राम हरे हरे
हरे राम... सब ताली दीजिए!
हरे हरे हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे हरे राम राम राम हरे हरे
हरे राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे कृष्ण... [करतल ध्वनि / हरिबोल]
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम... [गायन] हरे राम राम राम हरे हरे
हरे राम... [गायन] हरे राम राम राम... [संगीत] हरे हरे
हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे... [करतल ध्वनि]
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम राम राम... [गायन] हरे हरे
हरे राम राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे कृष्ण... [संगीत] हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम राम राम हरे हरे
हरे राम हरे राम... [संगीत] राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
हरे राम... [संगीत] हरे राम राम राम हरे... [संगीत] हरे...
[प्रवचन]
[To devotee:] ...speak in Hindi, translate.
आप लोगों को धन्यवाद है, क्योंकि साथ-साथ में हरे कृष्ण महामंत्र का आप लोगों ने जप किया। यह हरि, भगवान और भगवान की शक्ति—जैसे राधा-कृष्ण, सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण [गला साफ़ करने की आवाज़]। भगवान और भगवान की शक्तियां... [गला साफ़ करने की आवाज़] वेद में है:
न तस्य कार्यं करणं च विद्यते
न तत्समश्चाभ्यधिकश्च दृश्यते।
परास्य शक्तिर्विविधैव श्रूयते
स्वाभाविकी ज्ञानबलक्रिया च॥
(श्वेताश्वतर उपनिषद 6.8)
भगवान जो हैं, उनको कोई काम करने की ज़रूरत नहीं है। जैसे हम लोग देख रहे हैं—कोई धनी आदमी हो, कोई बड़ा आदमी हो, मिनिस्टर (minister) हो, वे अपने हाथ से कुछ काम नहीं करते, बल्कि उनके नौकर-चाकर बहुत हैं। इसी प्रकार भगवान जो हैं, उनको अपने हाथ से कोई काम करने की ज़रूरत नहीं है—'न तस्य कार्यं करणं च विद्यते'। और 'न तत्समः'—भगवान के समान... "जैसे भगवान हैं, वैसे हम भी हैं"—यह राक्षसी प्रवृत्ति है। भगवान के समान कोई है नहीं और भगवान से ऊँचा भी कोई है नहीं—'न तत्समश्चाभ्यधिकश्च दृश्यते'।
भगवान से नीचे सब हैं। तो यह राधा-कृष्ण, हरे कृष्ण, यह भगवान से प्रार्थना है—"हे हरा (भगवान की जो शक्ति हैं)! और हे कृष्ण (हे भगवान)! आप दोनों मिलकर हमें अपनी सेवा में लगाइए।" क्योंकि जीव का जो स्वरूप है, वह भगवान की सेवा करने के लिए है। चैतन्य महाप्रभु ने बताया है:
'जीवेर स्वरूप हय—नित्य-कृष्ण-दास'
जीव का जो स्वरूप है, वह भगवान का दास है। लेकिन वह अपने इस स्वरूप को भूलकर, इस भौतिक जगत में मालिक बनना चाहता है; इसलिए उसका ऐसा दुःख है।
'परास्य शक्तिर्विविधैव...' तो इस भौतिक जगत में जो हम लोग हैं, हमारा नाम है 'बद्ध जीव'। यह भूल गया, भगवान का नित्य दासत्व भूल गया। माया के दासत्व में उसका समय नष्ट हो रहा है [गला साफ़ करने की आवाज़]। लेकिन हरे कृष्ण नाम जपने से वह माया दूर हो जाएगी—चेतो-दर्पण-मार्जनम् (ceto-darpaṇa-mārjanam)...
I think we shall continue Hare Krishna, otherwise they will go. Therefore I began Hare Krishna. Let them sit down, chant Hare Krishna, chant Hare Krishna. जॉइन (Join) कराइए उनको, हाँ।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥