[Opening]
(The conversation begins with Srila Prabhupada discussing the influence of Kali-yuga, the four regulative principles, and the importance of chanting the Holy Name.)
[Body Paragraphs]
हमारा आदमी गाय कटने के लिए चेष्टा कर रहा है। कौन है? हमारा गाय काट के तो चरण में गिर गया, "महाराज, मैं तो कलयुग हूँ।" हमारा तो आपका हमारा काम, "I too" बोले हमारे राज से बाहर हो गया। बोली, "आपका राज कहाँ नहीं?" सारा तो फिर वो बताया कि ये चार जगह में तुम राज: sex, prostitution, and chemist (intoxication), and ये चार चीज़ जहाँ है वो... बट तो वो चार चीज़ उसको मिला नहीं सारा दुनिया में। इसलिए plot करके परीक्षित महाराज को हत्या कर। ये परीक्षित महाराज जब तक रहेगा, ये चार चीज़ का कोई स्थान कलयुग का... और जहाँ उनका अंधकार हो गया। ये चार चीज़ अभी तो अपने यहाँ casino बना रहे हैं ना, के ऊपर casino बना रहे हैं। कैसे क्या चीज़? Casino वो होता है ना खेलने का, जुआ खेलने का। अच्छा करते हैं, उलट में करते हैं कि मैंने सांप सुना था। अच्छा, अरे gambling का भी कम, gambling के जगह पर अरे north gambling जैसा, how में, ja में सब कलयुग का प्रभाव शास्त्र में भूल गए हम। शास्त्र भी काम करते हैं, एक चीज़ तो किया जाए जो "हरे नाम, हरे नाम, हरे नाम, कल कल नाश"। एक साथ छोटी सी बात कलयुग में reformation और जो संभव है ना, सब मिल जाएगा। बाक़ी एक चीज़ बड़ा सरल है: "हरे राम, हरे राम, हरे राम"। केवल अगर हरि नाम... अभी देखिए आप लोग सब करके सारा India में बस कीर्तन का व्यवस्था कीजिए। देखिए कैसा change, अभी change हो। अभी तक भागवत वर्ष (भारतवर्ष) मरा नहीं है। भागवत वर्ष अभी तक मरा नहीं है। अभी है थोड़ा injection busy हो, हाँ सही बात है। अब तक तो है नहीं, जिंदा सीधा survive करना है। अभी तक कहीं भी हम लोग, आप सब देखना, और हमारा कीर्तन करते 300-400 thousand से cross तो आदमी बना नहीं, सही बात, अभी तक है जीवन। उसको अगर ठीक से जलाया जाए तो यही हम लोग का प्रचार विषय है कि चैतन्य महाप्रभु, चैतन्य महाप्रभु का जो विषय है, उनका कहना है कि भारतवर्ष में जिसका जन्म हुआ वो अपना जीवन सार्थक करके परोपकार... भारत भूमि में मनुष्य जन्म आप समझते हैं? भारत भूमि आप समझते हैं? नहीं, भारत भूमि मनुष्य जन्म जाना कठिन नहीं है। जिसका भाग में जन्म हुआ, मनुष्य कुत्ता है, मनुष्य भारत मनुष्य जन्म जन्म सार्थक करो करो। अपना जन्म पहले सार्थक कर ले क्योंकि जन्म सार्थक भागवश (भारतवर्ष) में ही हो सकेगा और कहीं नहीं। जो जन्म सार्थक करने का निर्देश है वो सब भागवत, वेद, विधान, पुराण, सिद्धि, पुराण, पांच... तो ये सब जीवन में अपना करके और जीवन सार्थक करके, तो क्या चीज़ मनुष्य जीवन में ज़रूरत है, ये समझ करके दुनिया पर... वो लोग जानते हैं, लोग जानते नहीं। तो ये थोड़ा बहुत क्या है और कुछ secrecy नहीं। वो उन भारतीय जो culture है उसको ठीक-ठीक है बस काम हो रहा। पहले से कुछ लोगों में अभी जागृत हो रही ज़्यादा। दो प्रभाव बहुत चल रहे हैं, एक तो बिलकुल नीचे जगह चल, थोड़ा ऊँचे चल रहा है। नहीं, ठीक-ठीक ठीक से लिया जाए। ठीक-ठीक से लिया जाए तो काम बन जाएगा।
आप लोग तो सब business करते हैं, जानते हैं। ठीक-ठीक properly manage (मैरिज) के साथ शुरू हो जाए। तो ये लोग, ये बच्चे लोग बहुत सहज किया इसलिए थोड़ा आगे बढ़, इनको भी एक जीवन मिला। ये सब hopeless हो गया। ये भी सब रास्ता नहीं, कुछ नहीं। क्या शराब पीना, बदमाशी, कुछ conscience पता नहीं क्या सब का प्र... लोग, राजू लोग कहते हम लोग का बच्चा है, हमारा देश का है, कोई है, कोई है, कोई कभी पूछता भी नहीं था। भगवान क्या है, church (चार्ज) क्या है, इधर आता ही नहीं। भगवान के लिए क्षमा, अब उसको पूरा रुपया दीजिए और Krishna consciousness में ऐसे बाहर ले जाए। रुपया एक छोटा लड़का है, इसको मैंने पूछा, एक छोटा लड़का आया था मेरे आसपास, मैंने पूछा, "Garment (कमिशमेंट) पहन लो। यह कपड़ा अच्छा नहीं लगता है। Garment (कमिटमेंट) पहनो, अच्छा लगेगा।" बोला, "नहीं, नहीं, I am very much comfortable in this. I don't want to put on any..." इधर एक गुरु की है जिसमें character बना चीज़। संस्कृत बोलने से कुछ विशेष फल नहीं है, बाक़ी हाँ, वो भी ठीक, आसान चीज़ चाहिए। करेक्ट गुरु को, वसन्त दान्त गुरु (vasan danto guru) ये चीज़ चाहिए, दान्त। How one can learn sense control, that is stressed. They never find instruction of Narada. Narada Muni, who was suggesting about guru, he never suggested that one very great... very good speaker. ब्रह्मचारी, गुरु-गृह वसन्त निवास करके क्या... self-control.
देखिए, airport में आजकल security check होता है। Security check, कौन क्या अस्त्र-शस्त्र ले जा रहा है, तो सबका चेक। हमको तो कभी-कभी मेहमान करके चेक नहीं करते, नहीं तो चेक सभी को करते हैं। इसका माने है, कोई honest व्यक्ति है? ये computer, ये तो चेकिंग क्यों इतना भारी advancement of civilization होते में भी criterion क्या है कि कोई भी honest नहीं, तभी तो चेकिंग। चेकिंग का क्या, देश का भी कोई मर्यादा नहीं है। सन्यासी है, ब्राह्मण है, इनको क्या चाहिए, वो बात ही ठीक है। वो सन्यासी के देश में क्या करते हैं? This is the result of advancement. पर कौन जीता, कैसे मालूम पड़े? महात्मा जी के लिए एक आदमी निकला। Result is that, it is to be concluded as everyone is... This is the advancement. लेकिन वहाँ foreign में तो कह देते हैं, "Green line में चले जाओ, you want to go, you can go in the green line." और अपने आप ही चले जाते हैं। तो green line वालों को नहीं, इसका भी कुछ वो... वो उनका platform क्या है? वो आपका पास कुछ लोहा का चीज़ है तो सब... लेकिन वैसे पूछ रहे थे कि, "Don't have... declare, you go." नहीं, वो तो कष्टा नहीं, ये security type, वो तो सब कोई करता है। वो तो detector रहता है ना, machine, वहाँ से पसार होता है, आप घंटी बज जाती है कुछ हो तो। एक कोई ऐसा घुमाते हैं ऐसे दूर से ही। हमने पूछा, "भाई, तुम दूर से देखता है, ऐसा कैसा गिलास आता है जैसा?" "नहीं, इससे हमको मालूम पड़ जाता है।" ये सब तो उन्नति खो गया। फिर मंगल ऊपर चले गए, मंगल में क्या, यहाँ से control करता है करोड़ों मील दूर। हम तो विश्वास... हरे राम!
देखिए, ये जो चंद्रमा है, रात में जो किरण है, इतना सूर्य है और refresh so million... ये चंद्रमा planet आँख में देख रहे हैं। How I can believe full rocks and sand? From the rocks and sand, such light generating? बोलिए माताजी, ठीक बोल... तो हम तो सामने देख रहे हैं, चंद्रमा इतना सुंदर। परिश्रम कीजिए, रात में थोड़ा चंद्र किरण में बैठ जाइए, भगवान इसीलिए बना... और जितना किरण सारा दो-तीन बार कर देता है और पूरी सूरज का ऐसा नहीं, भगवान का तरफ से दो-तीन बार दिन में गोल कर देता है, रात में तो... This is coming, moon. I see practically, how can I believe that? हमारा common man का प्रश्न है। दूसरी बात है, ये जो सोम, मंगल, एंड रवि... सोम, मंगल तो sun planet और सोम between... तो ये लोग बोलता है जो गुण पहला है, तो केवल सब जगह सारा दुनिया Monday को क्यों नहीं, Sunday को? हमारे शास्त्र में है, सूरज से 1 million 600 thousand above, sun planet से दूर में। तो sun planet, time का हिसाब-किताब है, 96 million, उसमें add कीजिए और 1 million 6,000 तो 95 miles हो... 95 million, तो 95 million some miles. अगर 18,000, 18 thousand अगर जाइए, तो कम से कम सात महीना चार में कैसे... ये सब बड़े-बड़े scientist का पूछा है, कोई जवाब नहीं।
एक बात ये भी कहें कि sun इतना गरम है, जब sun के पास नहीं जा सकेंगे तो moon के पास कैसे जाएँगे? तो फिर ये भी तो बात है, ये भी तो है। क्योंकि अगर जिस तरह से आप बतला रहे हैं कि moon, sun के बाद है, तो जब sun को पार करेंगे तब moon पर जा सकते। हाँ, ये तो sun में ही जा नहीं सकते, sun में ही नहीं जा सकते तो moon कैसे जाएँगे? ये तो common... दूसरी बात है, ये लोग कहीं भी जाते हैं तो खाली rocks देखता है। इतना unfortunate है, इनको वो कपाल में rock ही था और कुछ फूल, फूल, flower ये नहीं, खाली rock, rock से धक्का होता। ये भी एक बात है, हमारा experience है, जैसे दुनिया में rocks भी हैं, फूल भी हैं, उधर खाली rock ही rock है, फूल कहाँ गया? तो जीवन है नहीं, क्यों नहीं है? यही तो बात है, ऐसी [गला साफ़ करने की आवाज़] बात तो नहीं है। जैसा हमारा experience है, इस planet में sand भी है, rocks भी हैं, garden भी है, नदी है, ये सब कहाँ गया? और भगवान खाली इधर ही सब कुछ बना है, उधर खाली rock बना? अगर भगवान बना, कोई भी बनाने वाला है, वो इतना दिमाग़ ख़र्च करके इतना बड़ा भारी plan है, खाली rock बनाने के लिए? बोलिए माताजी, आप है जाते हैं और आते हैं तो क्या मतलब? ऐसे ही आपका है, ये लोग सब कहते हम उतरते हैं moon के ऊपर और सब करके आएँगे। गुरु को कहने दीजिए, हमारा भी थोड़ा sense, हमको थोड़ा अपना sense लगाइए थोड़ा। चलिए, हरे कृष्णा!
आप लोग, ये तो हम लोग का सौभाग्य है आप लोग सब आए। तो कहीं भी सर बहुत अच्छा रहा जो फ़ायदा हुआ। नहीं, आप आए तो इतने प्रश्न किए, इतना सुनने को मिला। नहीं तो हम लोग चुपचाप बैठे हुए... प्रश्न मैं नहीं पूछ सकता है, सबको पूछ सकता है। महाराज जी तो अपने आप ही बोल रहे थे, नहीं करेंगे, ठीक है कोई बात नहीं। हम लोग खाएँ ना खाएँ, खा... आप भी बैठ, आप लोग आराम [गला साफ़ करने की आवाज़] एक सूखा ये में हम लोग दिखाएँगे और चार अच्छा है, अच्छा वस्तु कोई है नहीं बनाई क्या है? Temple in India वो है, वो ऊपर से होता, people के लिए कहा है, पीपल के वृक्ष के लिए उर्धल (urdhva-mula) है। पीपल का ऐसे है, बाक़ी उसका मूल है और पीपल का भी हम लोग का जो है तो नीचे हो, इसका मूल ऊपर। Yes, after the prasad, it's already... प्रसाद के बाद आप New Vrindaban की picture देखिएगा, बड़ी ख़ूबसूरत है। हम जा... अपने आप ज़्यादा समय नहीं दे सके, कुछ प्रवृत्ति थी, कुछ भी दूसरी प्रवृत्ति थी, ज़्यादा समय नहीं दे सके। आप नहीं, कुछ प्रव... नहीं, जाना था तो समय से देरी हो गई, ऐसा कुछ थोड़ी गड़बड़ हो गया। मेरे बहुत मंदिर बहुत सुंदर बना, आप पधारोगे तब अच्छी होगी। हाँ, भोजन एक ही करता हूँ, चार मेरे जन्मदिन के बाद शुरू करता हूँ और चार इसी मौके पर आ जाता है वो। और ऐसा तो बहुत वर्ष से चल रहा। चल अब थे, मैंने धंधा शुरू किया, कोई नहीं दलाल नहीं रहा, industrialist मेरे साथ थे, वो भी कोई नहीं, एक रहा है, स्वामी करता है, कोई नहीं, अकेला ही खड़ा है बस। माया काम करा... बहुत सोचता हूँ साथ में काम करने कोई नहीं, नए आते हैं वो नए जीने का फ़र्क तो पड़ता ही है। वास्तव में नए को तैयार होना चाहिए तभी काम लड़का करता है, धंधा देखता नहीं, लड़का देखता है सब कुछ। तो आपको बात कल आए थे, बताया जाके उसको एक लड़का नहीं, लड़का छोटा है, आठ साल का है, लड़की है 12 साल... नहीं, उसको 50 हो गए। अब आजकल लोगों की तबियत अच्छी रहती है, नहीं जा सकता। मेरे को लगता है परिश्रम तो नहीं करना पड़ता, आप लोग हमको शारीरिक शब्दों को बहुत है। बहुत रोज़ नए कायदे निकलते हैं पर कायदे में भूल होती है, समझ नहीं पड़ती बहुत से कायदे। प्रसाद, प्रसाद है ना, प्रसाद ले लिया? प्रसाद थोड़ा होता है जी। घर देखते होंगे, रविवार है ना, बच्चे लोग सब घर में राह देखते होंगे। अब तो 2:30, संतों के दर्शन चले जाना चाहिए। हम भी नहीं खाना चाहिए, अच्छा होना चाहिए, गीता में शब्द बोले दो नहींरी आने वाला नहीं है।
अच्छा, दिल्ली वो वृंदावन जाएँगे। अच्छा डाल जी, आपके यहाँ पे आपकी आपको resident मंदिर है आपका ऊपर से, उससे ऊपर, उससे ऊपर पहाड़ डाल पानी किसी और साल 10 साल से सारा जब भी इन्होंने पिताजी ने बहुत मंदिर बनवाया, अच्छे भव्य मंदिर बनवाया। अभी कल्याण का बनवाया है, को लाख आदमी गए थे, लाख आदमी। कल्याण का मंदिर बहुत अच्छा है, कल्याण बहुत मंदिर बहुत मन... थाने के लिए चार गए, उसके लिए जगह नहीं मिली। अब तो church मिल रहे हैं, उन्होंने church के पास और गया था मंदिर में जगह थी। मैं मंदिर में दर्शन के... मंदिर में दर्शन करके आई। पहले था, अभी तो बहुत बड़ा देखा मंदिर में आपको था, वहाँ तपास था, 12 मंजिल, 12 मंजिल, 12 मंजिल का मंदिर। मैं तो छह साल पहले गई थी तब छोटा एक स्थान भगवान ले लिया, भी लिया था पहले पाँच साल हो गए, बहुत भारी। तो हम एक दिन ले रहे थे, दो-तीन शिष्य आके आए, कुछ ले रहा था वो दुकान से कम थी, दूसरी कोई चीज़ थी। तो उन्होंने कहा, "कृष्ण ने कभी खाया नहीं, खाई हम भी खाएँगे।" हम दूसरी कोई चीज़ देते थे, याद क्या चीज़ थी। उन्होंने कहा, "कृष्ण भगवान ने कभी नहीं खाया था तो हम नहीं खाएंगे।" यही है, जो करते हैं तो पूर्ण करते हैं। यथा देवी तथा प्रकाश, भगवान का रूप में बड़ा आश्चर्य हुआ है ना। हम कभी देखते नहीं हैं, मीरा जाएँगे नहीं, ये तो शिष्टाचार है मंदिर में जो खिलाना। अभी हम लोग picture कैसे हो आप ले... second (सेकम) क्या है? माता की वृंदावन, वृंदावन में छोटे-छोटे लोग यहाँ में कहाँ से आए? India, America, business (बिनेस)।
[Closure]
(The conversation concludes with a brief discussion about visitors from India and America coming to Vrindavan for spiritual life and business.)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥