श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 98: सीता के लिये श्रीराम का खेद, ब्रह्माजी का उन्हें समझाना और उत्तरकाण्ड का शेष अंश सुनने के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.98.8 
तस्मान्निर्यात्यतां सीता विवरं वा प्रयच्छ मे।
पाताले नाकपृष्ठे वा वसेयं सहितस्तया॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'अतः या तो आप सीता को लौटा दीजिए या मुझे अपनी गोद में स्थान दीजिए; क्योंकि चाहे नरक हो या स्वर्ग, मैं सदैव सीता के साथ ही रहूंगा।
 
‘So either you return Sita or give me a place in your lap; because whether it is hell or heaven, I will always stay with Sita.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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