श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 98: सीता के लिये श्रीराम का खेद, ब्रह्माजी का उन्हें समझाना और उत्तरकाण्ड का शेष अंश सुनने के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.98.6 
वसुधे देवि भवति सीता निर्यात्यतां मम।
दर्शयिष्यामि वा रोषं यथा मामवगच्छसि॥ ६॥
 
 
अनुवाद
(ऐसा कहकर उन्होंने पृथ्वी से कहा-) 'हे पूज्य देवी वसुन्धरा! मुझे सीता लौटा दो; अन्यथा मैं अपना क्रोध प्रकट करूँगा। मेरा क्या प्रभाव है? यह तुम जानती हो।'
 
(Saying this, he said to the earth-) 'O revered Goddess Vasundhara! Give me back Sita; otherwise I will show my anger. What is my influence? You know this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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