श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 96: महर्षि वाल्मीकि द्वारा सीता की शुद्धता का समर्थन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.96.21 
मनसा कर्मणा वाचा भूतपूर्वं न किल्बिषम्।
तस्याहं फलमश्नामि अपापा मैथिली यदि॥ २१॥
 
 
अनुवाद
'मैंने पूर्वकाल में कभी भी मन, वचन या कर्म से कोई पाप नहीं किया है। यदि मिथिला की पुत्री सीता निष्पाप हैं, तभी मुझे अपने निष्पाप पुण्य कर्म का फल मिलेगा।'
 
‘I have never committed any sin in the past even by thought, word or deed. If Mithila's daughter Sita is sinless, then only I will get the fruits of my sinless pious deed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)