श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 96: महर्षि वाल्मीकि द्वारा सीता की शुद्धता का समर्थन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.96.12 
तां दृष्ट्वा श्रुतिमायान्तीं ब्रह्माणमनुगामिनीम्।
वाल्मीके: पृष्ठत: सीतां साधुवादो महानभूत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वाल्मीकि के पीछे-पीछे जाती हुई सीता, ब्रह्माजी के पीछे-पीछे जाती हुई श्रुति के समान प्रतीत हो रही थीं। उन्हें देखकर वहाँ 'धन्य' की तीव्र ध्वनि गूँज उठी।
 
Sita, following Valmiki, looked like Shruti following Brahmaji. Seeing her, a loud sound of 'blessed' echoed there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)