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यदि पृच्छेत् स काकुत्स्थो युवां कस्येति दारकौ।
वाल्मीकेरथ शिष्यौ द्वौ ब्रूतमेवं नराधिपम्॥ १३॥
अनुवाद
यदि श्री रघुनाथजी पूछें कि 'बालको, तुम किसके पुत्र हो?' तो तुम दोनों राजा से यही कहना कि हम दोनों भाई महर्षि वाल्मीकि के शिष्य हैं॥13॥
If Shri Raghunath asks, 'Children, whose sons are you?' then you both should simply tell the King that we both brothers are disciples of Maharishi Valmiki.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥