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श्लोक  7.93.1 
वर्तमाने तथाभूते यज्ञे च परमाद्भुते।
सशिष्य आजगामाशु वाल्मीकिर्भगवानृषि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब इस प्रकार वह अद्भुत यज्ञ प्रारम्भ हुआ, तो महर्षि वाल्मीकि अपने शिष्यों सहित शीघ्र ही वहाँ आ पहुँचे।
 
When that wonderful sacrifice was thus commenced, the sage Valmiki quickly arrived there along with his disciples.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)