श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 92: श्रीराम के अश्वमेध यज्ञ में दान- मान की विशेषता  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.92.6 
वानराश्च महात्मान: सुग्रीवसहितास्तदा।
परिवेषणं च विप्राणां प्रयता: सम्प्रचक्रिरे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय सुग्रीव आदि महामनस्वी वानर, जो अत्यन्त शुद्ध एवं शान्तचित्त थे, वहाँ ब्राह्मणों को भोजन करा रहे थे।
 
At that time the great-minded monkeys including Sugreeva, being of very pure and composed mind, were serving food to the Brahmins there. 6.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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