श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.91.22 
अन्तरापणवीथ्यश्च सर्वे च नटनर्तका:।
सूदा नार्यश्च बहवो नित्यं यौवनशालिन:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
मार्ग में स्थान-स्थान पर आवश्यक वस्तुओं के क्रय-विक्रय के लिए हाट-बाजार स्थापित हों; अतः उनके प्रवर्तक व्यापारी और व्यवसायी भी चलें। सभी अभिनेता और नर्तक भी चलें। अनेक रसोइये और सदा यौवन से सुसज्जित रहने वाली स्त्रियाँ भी चलें।॥ 22॥
 
‘Markets should be set up at various places along the route for buying and selling essential commodities; therefore, the merchants and businessmen who are its promoters should also travel. All the actors and dancers should also go. Many cooks and women who are always adorned with youth should also travel.॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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