Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.91.18: हे ज्ञानी लक्ष्मण! लोगों को शीघ्र आमंत्रित करो और जो भी आये वह विधिपूर्वक संतुष्ट, बलवान और सम्मानित होकर लौट जाए। ॥18॥   |   ramayan सर्ग 7.91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.91.18 
तुष्ट: पुष्टश्च सर्वोऽसौ मानितश्च यथाविधि।
प्रतियास्यति धर्मज्ञ शीघ्रमामन्त्र्यतां जन:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे ज्ञानी लक्ष्मण! लोगों को शीघ्र आमंत्रित करो और जो भी आये वह विधिपूर्वक संतुष्ट, बलवान और सम्मानित होकर लौट जाए। ॥18॥
 
O knowledgeable Lakshmana! Invite the people quickly and whoever comes should return satisfied, strengthened and honoured as per the rituals. ॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)