श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 90: अश्वमेध के अनुष्ठान से इला को पुरुषत्व की प्राप्ति  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.90.9 
पुलस्त्यश्च क्रतुश्चैव वषट्कारस्तथैव च।
ओङ्कारश्च महातेजास्तमाश्रममुपागमन्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
पुलस्त्य के साथ क्रतु, वषट्कार और परम बलवान ओंकार भी आश्रम में आये॥9॥
 
‘Along with Pulastya, Kratu, Vashatkaar and the extremely powerful Omkaar also arrived at the hermitage.॥ 9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd