श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 90: अश्वमेध के अनुष्ठान से इला को पुरुषत्व की प्राप्ति  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.90.2 
इला सा सोमपुत्रस्य संवत्सरमथोषिता।
अकरोत् किं नरश्रेष्ठ तत्त्वं शंसितुमर्हसि॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषोत्तम! कृपया मुझे ठीक-ठीक बताइए कि इला ने सोमपुत्र बुध के पास एक वर्ष रहकर क्या किया॥ 2॥
 
Best of men! Please tell me exactly what Ila did after staying with Som's son Budha for a year.'॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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