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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्लोक 1
श्लोक
7.90.1
तथोक्तवति रामे तु तस्य जन्म तदद्भुतम्।
उवाच लक्ष्मणो भूयो भरतश्च महायशा:॥ १॥
अनुवाद
जब श्री रामचन्द्र जी ने पुरुरवा के जन्म की अद्भुत कथा सुनाई, तब लक्ष्मण और महामुनि भरत ने पुनः पूछा- 1॥
When Shri Ramchandra ji told the wonderful story of the birth of Pururva, then Lakshman and the great sage Bharat again asked - 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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