| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 7: उत्तर काण्ड » सर्ग 89: बुध और इला का समागम तथा पुरुरवा की उत्पत्ति » श्लोक 24 |
|
| | | | श्लोक 7.89.24  | जातमात्रे तु सुश्रोणी पितुर्हस्ते न्यवेशयत्।
बुधस्य समवर्णं च इला पुत्रं महाबलम्॥ २४॥ | | | | | | अनुवाद | | उसके उस महाबली पुत्र का तेज बुद्ध के समान था। जन्म लेते ही वह उपनयन के योग्य हो गया, अतः सुन्दरी इला ने उसे उसके पिता को सौंप दिया॥ 24॥ | | | | ‘The radiance of that mighty son of his was like that of the Buddha. As soon as he was born, he became fit for Upanayana, so the beautiful Ila handed him over to his father.॥ 24॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|