श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 89: बुध और इला का समागम तथा पुरुरवा की उत्पत्ति  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.89.21 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा बुधस्याक्लिष्टकर्मण:।
वासाय विदधे बुद्धिं यदुक्तं ब्रह्मवादिना॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पुण्यात्मा बुद्ध के ये वचन सुनकर राजा ने उन ब्रह्मवादी महात्मा की सलाह के अनुसार वहीं रहने का निश्चय किया ॥21॥
 
Hearing these words of virtuous Buddha, the king decided to stay there as per the advice of that Brahmavadi Mahatma. 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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